सुप्रभात जिंदगी।
सुबह...आहा सुबह...वाह...सुबह...
और उससे भी वाह वाह भोर।
शायद किसी ने मरने के के बाद फिरसे जीकर न देख हो,
लेकिन इस ही अहसास देती हैं ...सुबह।
रोज एक नई जिंदगी,
फिर से बनने,सँवरने को तैयार।
जिम्मेदारी हम पर हैं कि हम उस नई जिंदगी के साथ क्या करते हैं!!!
सुबह...आहा सुबह...वाह...सुबह...
और उससे भी वाह वाह भोर।
शायद किसी ने मरने के के बाद फिरसे जीकर न देख हो,
लेकिन इस ही अहसास देती हैं ...सुबह।
रोज एक नई जिंदगी,
फिर से बनने,सँवरने को तैयार।
जिम्मेदारी हम पर हैं कि हम उस नई जिंदगी के साथ क्या करते हैं!!!
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